Saturday, May 15, 2010

कब बंद होगा दलितों पर अत्याचार



प्राचार्य ने ज़बरदस्ती कटवा दिए बाल


गुरुवार, 18 दिसंबर, 2008


बिंदू ने प्राचार्य के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करवाया है
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में पुलिस ने एक नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य के ख़िलाफ़ एक दलित छात्रा के बाल ज़बरदस्ती कटवाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने दलित प्रताड़ना विरोधी क़ानून के तहत भी मामला दर्ज किया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ब्रृजलाल ने रिपोर्टरों को बताया कि छात्रा बिंदू के लंबे बाल थे और वह उन्हें खुला रखा करती थी। पुलिस का कहना है कि कॉलेज के अधिकारियों ने इस पर आपत्ति की और बताया कि यह कॉलेज के नियमों के ख़िलाफ़ है। पुलिस के अनुसार कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि बिंदू ने नियमों का पालन करने से इनकार कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि बिंदू ने पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है कि कॉलेज के अधिकारियों ने उनकी इच्छा के विरुद्ध उनके बाल ज़बरदस्ती काट दिए। बृजलाल का कहना है कि पुलिस प्राचार्य गिरिजा कौशिक को गिरफ़्तार करने की कोशिश कर रही है। उत्तरप्रदेश में इससे पहले भी दलितों को प्रताड़ित किए जाने की ख़बरें आती रही है।



चार दलितों की गोली मारकर हत्या

09 जुलाई, 2008 जयपुर
'पंद्रह दलित रोज़गार गारंटी कार्यक्रम के तहत काम करने जा रहे थे जब चाल दलितों को अलग किया गया और गोलियाँ चलाई गईं' पूर्वी राजस्थान के धोलपुर ज़िले में चार दलितों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है और कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँच गए हैं। पुलिस के अनुसार धोलपुर ज़िला मुख्यालय से क़रीब 40 किलोमीटर दूर ढांढ़ी-की-पुरा गाँव में ये घटना सुबह तब घटी जब 15 दलित रोज़गार गारंटी कार्यक्रम के तहत काम पर जा रहे थे। घटनास्थल पूर्वी राजस्थान में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे चंबल के इलाक़े में हुए हैं। बताया गया है कि सभी मृतक पुरुष हैं और जाटव जाति के हैं। 'हमलावर ठाकुर-गूजर जाति के'
घटनास्थल पर पहुँचे भरतपुर रेंज के पुलिस प्रमुख उमेश मिश्र ने बीबीसी को बताया, "व्यापक जाँच अभियान के तहत दोषियों की खोज की जा रही है।" व्यापक जाँच अभियान के तहत दोषियों की खोज की जा रही है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक हमलावर ठाकुर-गूजर समुदाय के थे. हालाँकि प्रारंभिक सूचना के अनुसार ये ज़मीन के मुद्दे पर पुरानी दुश्मनी का मुद्दा लग रहा है।
उमेश मिश्र, भरतपुर रेंज आईजी
उनका कहना था, "प्राप्त जानकारी के मुताबिक हमलावर ठाकुर-गूजर समुदाय के थे. हालाँकि प्रारंभिक सूचना के अनुसार ये ज़मीन के मुद्दे पर पुरानी दुश्मनी का मुद्दा लग रहा है."
उमेश मिश्र ने बताया कि सात लोगों का एफ़आईआर में नाम लिया गया है.
इस इलाक़े में कुछ साल पहले भी एक दलित को शर्मिंदा करने की कोशिश हो चुकी है और इस नज़रिए से दलितों से संबंधित मामले काफ़ी संवादनशील माने जाते हैं.
उमेश मिश्र का कहना था कि इस घटना के बाद उस क्षेत्र में तनाव बढने की शंका को देखते हुए पुलिस ख़ासी सावधानी बरत रही है।



दलित बच्ची को झुलसाने की घटना

बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है
उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि मथुरा के पास एक गाँव में मंगलवार को उच्च जाति के एक युवक ने छह साल की एक दलित बच्ची को जलते कूड़े में धकेल दिया.
पुलिस के मुताबिक बच्ची को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. बच्ची की हालत ख़तरे से बाहर है.
मथुरा से 40 किलोमीटर दूर तरौली जानुबी नाम के गाँव में जब बच्ची अपनी माँ के साथ एक उच्च जाति के घर के पास बनी सड़क से गुज़र रही थी तब यह घटना हुई.
18-19 वर्षीय सुनील ने बच्ची को अपने घर के पास से गुज़रने वाली सड़क से जाने से रोका. लड़की घबरा कर रुक गई. उसके बाद अभियुक्त ने वहाँ पर एक सुलगते हुए कूड़े के गढ्ढे में बच्ची को धक्का दे कर गिरा दिया
आरके चतुर्वेदी, मथुरा के एसएसपी
मथुरा के एसएसपी आरके चतुर्वेदी ने बीबीसी को बताया, "18-19 वर्षीय सुनील उर्फ़ सन्नी ने बच्ची को अपने घर के पास से गुज़रने वाली सड़क से जाने से रोका. लड़की घबरा कर रुक गई. उसके बाद अभियुक्त ने वहाँ पर एक सुलगते हुए कूड़े के गढ्ढे में बच्ची को धक्का दे कर गिरा दिया."
पुलिस का कहना है कि भारतीय दंड सहिता यानी आईपीसी की धारा 307 और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति क़ानून के तहत अभियुक्त को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया गया है.
हालांकि पुलिस ने इस घटना के पीछे किसी तरह के जातिगत द्वेष से इनकार किया है लेकिन भारत में गाहे-बगाहे दलितों के ऊपर विभिन्न तरह के अत्याचार की घटनाएँ होती रहती है.
पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी छानबीन की जा रही है।

कब बंद होगा दलितों पर आत्याचार

दलित महिला को गर्म सलाखों से दागा

14/04/2010सागर।

बांदरी क्षेत्र के ललोई गांव में जमीन के विवाद को लेकर गांव में दो लोगों ने एक दलित वर्ग की महिला की पिटाई कर गर्म सलाखों से दाग दिया। महिला को जिला अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है। मामले की जांच अजाक्स डीएसपी नन्हेलाल अहिरवार कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक गेंदाबाई के पति अनंदी अहिरवार को सरकारी पट्टे की जमीन ललोई गांव में पांच साल पहले मिली थी। इस जमीन से लगी हल्के सिंह और रामसिंह ठाकुर की जमीन है। ये लोग अनंदी की जमीन पर कब्जा करना चाहते हंै जबकि अनंदी जमीन को खेती के लिए तैयार कर रहा था।
7 अप्रैल को जमीन पर कब्जा करने को लेकर हुए विवाद में अनंदी की दोनों लोगों ने लाठी और लात घूसों से पिटाई कर दी थी। घटना की रिपोर्ट बांदरी थाने में 8 अप्रैल को दर्ज कराई गई थी।
इसी बात को लेकर हल्के और रामसिंह 10 अप्रैल की रात अनंदी के घर आए और उसकी पत्नी गेंदाबाई को गांव के बाहर नाले पर ले गए । वहां उसकी बेरहमी से पिटाई की और गर्म सलाखों से गुप्तांग और हाथ-पैर दाग दिए। डीएसपी श्री अहिरवार ने बताया कि मंगलवार को जांच करने के लिए ललोई गांव गए थे। वहां लोगों के बयान लिए घटना के बाद से दोनों आरोपी गांव से भाग गए।


ठेकेदारों ने दलित को पीट-पीट कर मार डाला
28/04/2010
एटा। उत्तर प्रदेश में एटा के नगर कोतवाली क्षेत्र में काशीराम शहरी आवासी योजना परिसर में ठेकेदारों ने एक दलित युवक को पीट-पीट कर मार डाला। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि रामस्वरूप के पुत्र शिवराज 25 को काशीराम शहरी आवासी योजना के तहत मकान आवंटित हुआ था। मंगलवार को वह मकान की मरम्मत करवा रहा था जहां उसकी किसी बात को लेकर ठेकेदारों से उसकी कहासुनी हो गई। बात बढ़ने पर ठेकेदारों ने उसके साथ मारपीट की। उन्होंने बताया कि शिवराज को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। इस सिलसिले में ठेकेदार जगदीश यादव, विश्वजीत और कविन्द्र समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस सरगर्मी से आरोपियों की तलाश कर रही है। आला अधिकारियों ने मौके पर पंहुच कर स्थिति का जायजा लिया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।


दलित महिला को गर्म सलाखों से दागा
Bhaskar News
14/04/2010
सागर। बांदरी क्षेत्र के ललोई गांव में जमीन के विवाद को लेकर गांव में दो लोगों ने एक दलित वर्ग की महिला की पिटाई कर गर्म सलाखों से दाग दिया। महिला को जिला अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है। मामले की जांच अजाक्स डीएसपी नन्हेलाल अहिरवार कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक गेंदाबाई के पति अनंदी अहिरवार को सरकारी पट्टे की जमीन ललोई गांव में पांच साल पहले मिली थी। इस जमीन से लगी हल्के सिंह और रामसिंह ठाकुर की जमीन है। ये लोग अनंदी की जमीन पर कब्जा करना चाहते हंै जबकि अनंदी जमीन को खेती के लिए तैयार कर रहा था। 7 अप्रैल को जमीन पर कब्जा करने को लेकर हुए विवाद में अनंदी की दोनों लोगों ने लाठी और लात घूसों से पिटाई कर दी थी। घटना की रिपोर्ट बांदरी थाने में 8 अप्रैल को दर्ज कराई गई थी। इसी बात को लेकर हल्के और रामसिंह 10 अप्रैल की रात अनंदी के घर आए और उसकी पत्नी गेंदाबाई को गांव के बाहर नाले पर ले गए । वहां उसकी बेरहमी से पिटाई की और गर्म सलाखों से गुप्तांग और हाथ-पैर दाग दिए। डीएसपी श्री अहिरवार ने बताया कि मंगलवार को जांच करने के लिए ललोई गांव गए थे। वहां लोगों के बयान लिए घटना के बाद से दोनों आरोपी गांव से भाग गए।


गुलाल लगाने पर दलित को गांव से निकाला
भास्कर न्यूज
15/03/2010
जबलपुर. होली पर गुलाल लगाने पर एक दलित परिवार को गांव के दबंगों ने पहले तो जमकर पीटा और बाद में उस परिवार को गांव छोड़ने का फरमान सुना दिया। 15 दिनों से गांव से बाहर रह रहे परिवार का आरोप है कि मामले की शिकायत करने के बाद दबंगों द्वारा लगातार उन्हें रिपोर्ट वापस लेने धमकाया जा रहा है।
पीड़ित पक्ष ने भेड़ाघाट थाने में पदस्थ एक हवलदार पर भी उन्हें धमकाने का आरोप लगाया है। गांव छोड़कर दर-दर भटक रहे पूरनलाल अहिरवार एवं उसके परिवार के अन्य सदस्य जिनमें महिला व बच्चे शामिल हैं, मामले की शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे। पीड़ित परिजनों ने एएसपी टीके विद्यार्थी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
रविदास सेवा संघ के पदाधिकारियों के साथ पुलिस अधिकारियों से मिलने पहुंचे पीड़ित परिवार ने शिकायत के माध्यम से बताया कि भेड़ाघाट थानान्तर्गत ग्राम लोहारी में होली के दिन पूरनलाल ने गांव के युवक को गुलाल लगा दिया था।
इसी बात को लेकर गांव के दबंगों ने दलित परिवार का जातिगत अपमान करते हुए पहले तो उनके साथ मारपीट की और बाद में हमला बोलकर उन्हें गांव से बाहर खदेड़ दिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उक्त मामले में न तो भेड़ाघाट पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध किया, न ही आरोपी दबंगों को पकड़ा। थाने का एक हवलदार अशोक त्रिपाठी भी दबंगों की ओर से उन्हें लगातार धमका रहा है। श्री विद्यार्थी द्वारा पीड़ित परिवार को उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
जान से मारने का प्रयास
पूरनलाल ने बताया कि गुलाल लगाने पर गांव के ही पांच दबंग युवकों ने उसे पानी मे डुबोकर जान से मारने का प्रयास किया। जब वह किसी तरह उनके चुंगुल से छूटकर भागा तो आरोपियों ने उसके घर में तोड़फोड़ कर घर को चारों ओर से घेरकर आग लगा दी। आरोपियों ने घर में मौजूद महिलाओं एवं बच्चों को भी नहीं छोड़ा और सभी के साथ मारपीट की।
घर नहीं जा सकते
पीड़ित परिवार का कहना है कि दबंगों के खौफ का असर उनके पूरे परिवार पर है। कोई भी सदस्य घटना के बाद बिना सुरक्षा के घर नहीं लौटना चाहता। दबंगों द्वारा मामला वापस लेने के लिए मिल रहीं धमकियों से परिवार गांव छोड़ने के बाद भी दहशत में है। उनका कहना है कि ऐसी हालत में वे अपना घर छोड़कर सड़कों पर दिन काटने मजबूर हैं।

प्रभारी ने दलित महिला को थाने में पीटना,हुए सस्पेंड
Feb 18th, 2010
सुल्तानपुर. मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के मनियारी गांव में पति की हत्या मामले में आरोपी महिला की हिरासत में पिटाई करना कोतवाली प्रभारी को महंगा पड़ा। दलित महिला की पिटाई करने करने के मामले में कोतवाली प्रभारी कैलाशनाथ द्विवेदी को निलम्बित कर दिया गया है। बुधवार को जब मुसाफिरखाना पुलिस दलित दीपक कुमार की हत्या के मामले में आरोपी संगीता को हिरासत में लेकर पुलिस चौकी अलीगंज आयी तो उसे मुसाफिरखाना कोतवाली प्रभारी कैलाशनाथ द्विवेदी ने सरेआम पीटना शुरू कर दिया। यह सब हुआ एक महिला पुलिस कर्मी की मौजूदगी में। इस बाबत जब वरिष्ठ अधिकारीयों से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि चूंकि महिला पुलिस कर्मी उनसे कनिष्ठ है,लिहाज़ा उन्हें बोलने का अधिकार नहीं है। इस घटना को संज्ञान में लेते हुए अपर पुलिस महानिदेशक बृजलाल के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्रवीर सिंह ने आरोपी महिला संगीता को पीटने वाले कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कैलाशनाथ द्विवेदी को निलम्बित कर दिया है। एडीजी बृजलाल ने कहा कि किसी भी महिला पर पुरुष पुलिस कर्मी का हाथ उठाना अनुशासनहीनता व मर्यादा का उल्लंघन है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।